सतना जिले में आयुष्मान भारत योजना की जमीनी हकीकत चिंताजनक है। जिले के 52 प्राथमिक व उप स्वास्थ्य केंद्र अब तक इंपैनल्ड नहीं हो सके हैं, जिससे ग्रामीण मरीजों को मुफ्त इलाज का लाभ नहीं मिल पा रहा। आईडी न बनने, प्रशासनिक लापरवाही और भुगतान संकट के कारण योजना दम तोड़ती नजर आ रही है।
सतना जिला अस्पताल में मेडिकल कॉलेज के डॉक्टरों ने पहली बार कंधे के लिगामेंट का सफल ऑपरेशन कर नया कीर्तिमान स्थापित किया। मरीज सत्यम सिंह को एक साल पुराने फ्रैक्चर से राहत मिली। आठ डॉक्टरों की टीम ने मिलकर यह जटिल सर्जरी पूरी की, जिससे अब मरीज पूरी तरह आराम में है। निजी अस्पतालों की तुलना में यह इलाज सरकारी अस्पताल में निःशुल्क उपलब्ध हुआ।
भारत सरकार ने सड़क दुर्घटनाओं में घायल लोगों के लिए ‘कैशलेस उपचार योजना 2025’ लागू की है। इसके तहत दुर्घटना की तारीख से 7 दिन तक अधिकतम 1.5 लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज नामित निजी अस्पतालों में भी मिलेगा। सभी अस्पतालों को 31 जुलाई तक हेल्थ फैसिलिटी रजिस्ट्रेशन कराना अनिवार्य किया गया है।















